बोचांग ब्रॉडचेन को प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 18 मार्च को मेटा द्वारा सिंगापुर स्थित एआई कंपनी मैनस के 20 अरब डॉलर के अधिग्रहण पर चीनी नियामकों की नज़र है और इस मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
यह बात सामने आई है कि मैनस का मुख्यालय भले ही सिंगापुर में है, लेकिन इसकी स्थापना करने वाली टीम और तकनीकी पृष्ठभूमि चीन से गहराई से जुड़ी हुई है।
एक सूत्र के हवाले से खबर है कि चीन सरकार ने इस सौदे से जुड़े लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में मैनस के अधिकारियों के चीन से सिंगापुर आने-जाने पर पाबंदी भी शामिल हो सकती है।
वहीं मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा है कि यह सौदा पूरी तरह से मौजूदा कानूनों के दायरे में किया गया है और मैनस की टीम अब मेटा के दैनिक संचालन का अहम हिस्सा बन चुकी है।
बता दें कि जनवरी 2026 में ही चीन के संबंधित विभागों ने इस सौदे की जांच शुरू कर दी थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसमें प्रौद्योगिकी निर्यात से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है।
