近期,北京、上海、深圳等地监管部门,集中对虚拟货币交易所“亮剑”排查,涉及到的中小交易所被责令关停。面对监管部门的“亮剑”,众多交易所解散、失联。BISS(币市)交易所涉嫌非法集资被北京警方立案查处;Bithumb Global、Biger已停止了中国内地IP地址的访问;而GGBTC、牛顿、Mgex、Bibit和IDAX等交易所则疑似失联。
区块链原本是一个分布式的记账系统,是相对于中心化记账体统而言。但在监管的密集排查之下,《中国经营报》记者注意到,一些虚拟货币交易所选择了“分布式办公”。
北京大成律师事务所合伙人肖飒告诉记者,“对于交易所而言,不论在哪个国家开设虚拟货币交易所,只要在中国进行宣传、路演,诱导中国老百姓炒币,就触犯了相关的法律规定。”
交易所陆续被出清
记者在一位不愿透露姓名的知情律师处了解到,“BISS已经被正式立案调查,这种案子按照公诉流程,一般得经过1~2年才会有初步结果。参与这件事情的涉案人员都要抓,这种案子都是窝案。”
BISS一离职员工告诉记者,BISS所有非涉事人员都已经离职,部分员工离开了“币圈”,回到了互联网行业。该名员工还透露,将来BISS可能会淡化出币圈。
区块链数据网站非小号官方公告显示,非小号已于2019年11月12日下架了GGBTC、牛顿、Mgex和Bibit四个交易所的相关数据,原因在于自2019年11月6日起三个工作日内,无法与交易所官方团队取得联系。
GGBTC官方微博在2019年11月22日发布公告称,为保证服务器的运行稳定和服务器质量,GGBTC所有服务器将于2019年11月22日进行停机维护。但2019年11月29日,GGBTC发布了一条上币宣传海报后,再无更新。
记者登录GGBTC官方网站看到,该网站已经停止了维护,除包括比特币在内的几个主流币种外,其他虚拟币几乎都跌破了发行价格,其中一个名为DEFI的虚拟币,从最高0.107美元跌到了0.029美元,最高跌幅达73%。
GGBTC离职人员赵宇(化名)向记者透露,“GGBTC之所以停止运营,除了监管方面的原因,主要还是因为用户无法提币,且当时平台币没有翻倍。公司不盈利,已经运营不下去了,没有钱给员工发工资。”
据财经网报道,有多位该交易平台用户表示,GGBTC交易所无法提现,大量用户资产无法取回。
而就“GGBTC交易所跑路”一事,赵宇告诉记者,“作为一名前员工,定义为跑路没有错,因为确实老板和公司没办法赔偿用户的利益。但如果说老板不负责任跑路,我会反驳一下,其实老板也想找一些资金补偿给用户,但具体填补多大的坑,我不清楚。”
公开消息显示,GGBTC是2019年年初成立的一家虚拟货币交易所,曾获得比升资本、共识实验室、辉客资本、卓越资本、山水资本、洞察资本等多家机构联合投资。
据赵宇透露,GGBTC在“出事”前,曾尝试在新加坡等国家申请交易所金融牌照,但海外牌照问题还没解决,交易所就先出了问题。
虚拟货币交易所的“藏身之技”
基于区块链这一分布式的记账系统,一些虚拟货币交易所开始采取“分布式办公”。
张海洋(化名)就在一家二线虚拟货币交易所工作。“自从交易所面临新一轮的清查后,我们也开始采取分布式办公,技术团队分布在一个城市,其他团队分布在另外的几个城市,团队采用线上沟通方式。”
目前,该交易所已经将业务重心放在海外,重点针对海外用户。“我们也上国内项目,但不上虚假项目。”张海洋这样定义审核规则,“项目白皮书中披露的团队、私募信息一定要真实,虚假项目我们不上。”
采用分布式办公的,不止张海洋所在的一家交易所。
李纯(化名)最近加入一家同样规模的二线虚拟货币交易所,她所在的办公地点只是公司其中一个半公开的办公地点。之所以半公开,是因为仅对投资人和部分大户开放,对外则是保密状态。
李纯还透露:“我们在全国多个城市都有办公地点,北京这边有两个,但办公地址我也不清楚,公司的人不会刻意跟你讲。”
张海洋告诉记者,“现在很多交易所,除了开发团队,其他部门都是分布式办公,主要原因也是因为目前监管部门对虚拟货币交易所的清查。”
实际上,在币圈,张海洋和李纯们工作的这些虚拟货币交易所采用的“分布式办公”模式,由Biance(币安)交易所首创,只是近期越来越成为国内虚拟货币交易所的主流办公方式。
公开资料显示,币安在全球有600多人的团队,虽然团队规模并不算大,但员工来自全球30多个国家和地区,所管辖的用户却分布在全球180多个国家和地区。其联合创始人何一曾公开表示,“币安在全球四十几个国家和地区都有同事在,从前大家都是在家办公,有些在同一个城市的小伙伴聚到一块,在咖啡厅或者 Wework 办公而已。分布式办公的优点是可以处理不同地域、不同文化的用户需求。”
一名不愿透露姓名的业内人士告诉记者,自2019年11月份开始,为躲避监管部门的清查,一些虚拟货币交易所,已经把运营、市场、财务团队转到国外,只把技术团队留在国内。同时,有的虚拟货币交易所还会将市场、运营、开发等不同的部门安排在不同的城市办公,甚至在家办公。
业内人士指出,面对监管部门的排查整治,集中化办公的交易所,很容易被“一锅端”。为了躲避排查,分布式办公被一些中小虚拟货币交易所采用。众多虚拟货币交易所,将实体公司注册在海外,运营团队则安排在国内。
虚拟货币监管全球化
“不论在哪个国家开设虚拟货币交易所,只要在中国进行宣传、路演,诱导中国老百姓炒币,就触犯了相关法律规定。”肖飒告诉记者,“对于‘诱引’这个定义,目前比较宽泛,但如果宣传发币项目,可能会打擦边球,但直接宣传币价涨幅以及收益性,就明确触犯了法律规定。”
北京市地方金融监督管理局局长霍学文日前接受媒体采访时也表示,虚拟币监管不存在是否更严格,只会更严格,北京金融局对于发币行为“零容忍”,发现一起、打击一起。虚拟货币不能够、也不得作为法定数字货币,中国只有人民银行才能推出法定数字货币。“不论任何人以任何伪装,只要在国内发行、销售、交易虚拟币就是违法。同时,交易所只要涉嫌把币传销给国内,以及通过各种渠道引诱投资者投资虚拟币都属违法。”
虚拟货币监管,是全球化趋势。就海外而言,美国和日本是对虚拟货币监管相对严格的两个国家。
在美国,比特币被定义为数字货币,以太坊属于证券型代币还是数字货币,尚在争议中。但其他基于ICO/IEO(首次代币发行/首次交易发行)的代币,必须要向SEC申请,否则将会涉嫌非法证券发型而被处罚。换言之,除了比特币和以太坊之外基于ICO/IEO发行的代币,都被定义为证券型代币(security token)。
2017年6月至2018年6月,EOS开发公司Block.one通过ICO形式在全球发售9亿枚代币,募集价值42亿美元的数字资产。2019年9月30日,美国证券交易委员会对其进行2400万美元罚款。
वर्चुअल करेंसी के नियमन के मामले में जापान दुनिया के सबसे सख्त देशों में शामिल है। यहाँ जापानी वित्तीय सेवा एजेंसी (JFSA) ICO गतिविधियों पर कड़ी पाबंदी लगाती है। वर्चुअल करेंसी एक्सचेंज शुरू करने के लिए डेरिवेटिव ट्रेडिंग और वित्तीय लाइसेंस के अलावा, स्थानीय वित्त ब्यूरो की नियमित अनुपालन जांच से भी गुजरना पड़ता है।
यह जांच मुख्य रूप से सख्त KYC मानकों पर केंद्रित होती है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता की सुरक्षा करने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण को रोकना है। अमेरिका हो या जापान, हर जगह वर्चुअल करेंसी एक्सचेंज चलाने के लिए लाइसेंस लेना और KYC नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर FATF नामक एक संगठन आतंकवादी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ काम करता है। हाल के वर्षों में FATF ने वर्चुअल करेंसी लेनदेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण पर विशेष ध्यान दिया है और इसके लिए नियामक दिशानिर्देशों का ढाँचा तैयार किया है। गौरतलब है कि FATF की वर्तमान चक्र अध्यक्षता चीन के पास है, और एक सदस्य देश के तौर पर चीन इन्हीं दिशानिर्देशों के अनुरूप आतंकवादी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग रोधी उपायों के लिए जिम्मेदार है।
दुनिया भर में वर्चुअल करेंसी नियमन लगातार सख्त होता जा रहा है। इस वजह से अवैध या नियमों का पालन न करने वाले एक्सचेंजों के लिए जगह तेजी से सिमट रही है।
डेटा वेबसाइट DeadCoins के मुताबिक, सितंबर 2017 से अब तक 'मृत' वर्चुअल करेंसी परियोजनाओं की कुल संख्या 1,840 है। इनमें से 2018 और 2019 में धोखाधड़ी या भागने वाली परियोजनाओं का हिस्सा क्रमशः 58% और 55% रहा।
इन 'मृत' वर्चुअल करेंसियों का कारोबार दुनिया भर के सैकड़ों छोटे-बड़े एक्सचेंजों पर हुआ था।
2019 की पहली छमाही में IEO (इनिशियल एक्सचेंज ऑफरिंग) की एक लहर उठी, जिसने बड़ी संख्या में सटोरियों को आकर्षित किया। IEO में एक्सचेंज को टोकन जारी करने का केंद्र बनाया जाता है और टोकन ICO चरण को छोड़कर सीधे एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हो जाते हैं। पत्रकारों के अधूरे आँकड़ों के अनुसार, Binance, OKEx, KuCoin, MXC और Gate.io जैसे कई एक्सचेंजों ने 2019 में कुल 85 से अधिक IEO परियोजनाएँ शुरू कीं। इनमें से कुछ टोकन लॉन्च होते ही अपने शुरुआती मूल्य से नीचे गिर गए, और कुछ तो जारी किए गए मूल्य से भी नीचे चले गए।
