ब्रॉडचेन को मिली जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च को एथसीसी (EthCC) सम्मेलन में ज्नोसिस के सह-संस्थापक फ्रीडेरिके एर्नस्ट और ज़िस्क के संस्थापक जॉर्डी बेलिना ने "इथेरियम इकोनॉमिक ज़ोन" (EEZ) रोलअप फ्रेमवर्क का औपचारिक रूप से अनावरण किया। इथेरियम फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित इस परियोजना से इथेरियम लेयर 2 (L2) इकोसिस्टम की संरचना को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मौजूदा जानकारी बताती है कि EEZ रोलअप फ्रेमवर्क का मुख्य लक्ष्य विभिन्न रोलअप्स के बीच संयोजकता (कॉम्पोज़ैबिलिटी) को बढ़ाना है, ताकि अलग-थलग चल रहे रोलअप नेटवर्क्स को एक साथ जोड़ा जा सके। इस फ्रेमवर्क पर आधारित स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स इथेरियम मेननेट और अन्य EEZ नेटवर्क्स के साथ सीधे इंटरैक्ट कर सकेंगे, वह भी इथेरियम मेननेट जैसी ही सुरक्षा के साथ। इससे इकोसिस्टम की इंटरऑपरेबिलिटी और सुरक्षा दोनों का बेहतर संतुलन स्थापित होगा। इथेरियम L2 स्केलिंग के प्रमुख समाधान के तौर पर रोलअप्स ऑफ-चेन कम्प्यूटेशन और ऑन-चेन डेटा स्टोरेज के जरिए लेनदेन लागत कम करते हैं और थ्रूपुट बढ़ाते हैं। EEZ फ्रेमवर्क के आने से रोलअप इकोसिस्टम में सहयोग से जुड़ी चुनौतियों का और प्रभावी समाधान मिल सकेगा।
तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर EEZ फ्रेमवर्क डिफ़ॉल्ट गैस टोकन के रूप में ETH का इस्तेमाल करेगा। इससे क्रॉस-चेन ब्रिज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की अतिरिक्त जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यूजर्स के लिए एंट्री बैरियर और क्रॉस-चेन लागत दोनों कम होंगी और इकोसिस्टम की उपयोगिता बढ़ेगी।
प्रोजेक्ट के शुरुआती सदस्यों में एएवी (Aave), टाइटन (Titan), बीवर बिल्ड (Beaver Build), सेंट्रिफ़्यूज (Centrifuge) और एक्सस्टॉक्स (xStocks) जैसी कई उद्योग संस्थाएं शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर प्रारंभिक इकोसिस्टम सहयोग का गठन किया है। ऑपरेटिंग मॉडल के मामले में EEZ की योजना स्विट्ज़रलैंड में एक गैर-लाभकारी संगठन के तौर पर काम करने की है और संबंधित सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स मोड में जारी किया जाएगा। इसके तकनीकी विवरण आने वाले कुछ हफ्तों में धीरे-धीरे सामने आने की उम्मीद है।
